सोमवार, 8 अगस्त 2011

प्रकृति के अंदाज़



 
कलियों की कोमल पंखुरियों में रंगों की फुलवारी सजाए..
प्यारी भीनी खुशबू से जो , मन को आनंदित कर जाए..

शीतल मंद समीरो संग , झूम झूम कर राग सुनाये ...
एक फूल के खिलने में भी नियति के अनेक राज है ....
 कोमलता ,विनम्रता ,प्यार ,खूबसूरती ...ये सब उसके साज है
   कितने प्यारे , कितने अनोखे , प्रकृति के निराले अंदाज है

46 टिप्‍पणियां:

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) ने कहा…

बहुत ही खूबसूरत।
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कल 09/08/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

वाह,बहुत खूब.

मनोज कुमार ने कहा…

प्रकृति के निराले अंदाज़ का आपने ब-ख़ूबी बयान किया है।

Anupama Tripathi ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति भावों की ..
बधाई एवं शुभकामनायें.

सदा ने कहा…

बहुत ही बढि़या ।

सदा ने कहा…

बहुत बढि़या ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

प्रकृति के अंदाज़ हमेशा ही निराले होते हैं ..

वीना श्रीवास्तव ने कहा…

प्रकृति के तो अंदाज निराले ही हैं....
मन मोहने वाले...

बेनामी ने कहा…

"कोमलता, विनम्रता, प्यार,खूबसूरती
...ये सब उसके साज है
कितने प्यारे, कितने अनोखे, प्रकृति के निराले अंदाज है"

अक्षरशः सत्य

रेखा ने कहा…

प्रकृति तो हमेशा ही निराली और मनमोहक होती है ...

Unknown ने कहा…

really true....

!!अक्षय-मन!! ने कहा…

वाह प्रकृति के इन अनोखे दृश्यों को आपने बहुत ही अच्छे तरहां से दर्शाया है अओने शब्दों में....वाह बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति....

कई जिस्म और एक आह!!!

Anamikaghatak ने कहा…

प्रकृति के संग झूम गए ....कविता बहुत अच्छी है

Sunil Kumar ने कहा…

प्रकृति के तो अंदाज निराले हैं|
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ..........

Urmi ने कहा…

सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब कविता लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत ही खूबसूरत।
भावमय करते शब्‍दों के साथ गजब का लेखन ...आभार ।

संजय भास्‍कर ने कहा…

ब्लॉग को पढने और सराह कर उत्साहवर्धन के लिए शुक्रिया.

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

आदरणीया स्वाति जी
सादर सस्नेहाभिवादन !

आपकी रचना मन को आनंदित करने में सफल है -

एक फूल के खिलने में भी नियति के अनेक राज़ हैं …
कोमलता , विनम्रता , प्यार , ख़ूबसूरती …
ये सब उसके साज हैं
कितने प्यारे , कितने अनोखे , प्रकृति के निराले अंदाज़ हैं !!


बहुत सुंदर !
श्रेष्ठ सृजन के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !


मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ

-राजेन्द्र स्वर्णकार

बेनामी ने कहा…

bahut pyaara aur khoobsoorat...


http://teri-galatfahmi.blogspot.com/

ज्योति सिंह ने कहा…

waah bahut hi sundar bhav .

Amit Chandra ने कहा…

Shandar rachna. aabhar.

virendra sharma ने कहा…

"कोमलता, विनम्रता, प्यार,खूबसूरती
...ये सब उसके साज है
कितने प्यारे, कितने अनोखे, प्रकृति के निराले अंदाज है"बेहतरीन रचना ,भाव और अर्थ छटाएं .बधाई .
बुधवार, १० अगस्त २०११
सरकारी चिंता
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Thursday, August 11, 2011
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महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

प्रकृति के सौंदर्य का सुंदर चित्रण।

S.N SHUKLA ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति
बधाई एवं शुभकामनायें.

S.N SHUKLA ने कहा…

रक्षाबंधन एवं स्वाधीनता दिवस के पावन पर्वों की हार्दिक मंगल कामनाएं.

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

बहुत ही सुंदर रचना

आज का आगरा ,भारतीय नारी,हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल , ब्लॉग की ख़बरें, और एक्टिवे लाइफ ब्लॉग की तरफ से रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं

सवाई सिंह राजपुरोहित आगरा
आप सब ब्लॉगर भाई बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई / शुभकामनाएं

Urmi ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

behtareen........

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति...

amrendra "amar" ने कहा…

बहुत ही सुंदर रचना
खूबसूरत अभिव्यक्ति...आभार.

amrendra "amar" ने कहा…

बहुत ही सुंदर रचना
खूबसूरत अभिव्यक्ति...आभार.

Satish Saxena ने कहा…

जन्माष्टमी की शुभकामनायें स्वीकार करें !

neelima garg ने कहा…

सचमुच निराला अंदाज .....

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

सचमुच, जो कुछ भी है हमारे पास, सब कुछ प्रकृति का ही तो दिया है।

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क्‍यों डराती है पुलिस ?
घर जाने को सूर्पनखा जी, माँग रहा हूँ भिक्षा।

मनोज कुमार ने कहा…

सुंदर भाव!

प्रेम सरोवर ने कहा…

आपके पोस्ट पर आना बहुत अच्छा लगा । कविता अच्छी लगी । धन्यवाद।

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…





आपको सपरिवार
नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

सहज समाधि आश्रम ने कहा…

very nice post

प्रेम सरोवर ने कहा…

आपकी छोटी सी कविता में प्रकृति के खूबसूरत अंदाज का प्रेषण अच्छा लगा । धन्यवाद ।

Satish Saxena ने कहा…

कहाँ हैं आप ??
काफी दिन से कुछ नहीं लिखा ?
शुभकामनायें !

Gyan Darpan ने कहा…

दीपावली के पावन पर्व पर आपको मित्रों, परिजनों सहित हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ!

way4host
RajputsParinay

राजभाषा हिंदी ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!

Ajay Arya ने कहा…

कविता में प्रक़ति के द़श्‍य बहुत अच्‍छे हे

Ajay Arya ने कहा…

कविता में प्रक़ति के द़श्‍य बहुत अच्‍छे हे

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

very nice.

Unknown ने कहा…

बहुत खूब निराले अंदाज में।